Tulips by Tammy Pineda

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वही हया, वही मुस्कान

क्या यह वही हया है?

क्या यह वही मुस्कान है?


वक़्त का होश था नहीं,

दिल को होश उसके बाद कभी आया नहीं।

पता ही नहीं चला कैसे बीत गई,

वो पूरी रात उसके साथ,

करते करते उससे इतनी सारी बात।


कुछ राज़ था उसकी आवाज़ में,

बनके रह गई एक पहेली,

चाहती तो मैं सुलझा सकती थी,

लेकिन पता नहीं किस्से डरती थी।


कुछ पल के लिए ही सही,

ऐसा कभी महसूस नहीं किया था।

हां यह वही हया है।

हां यह वही मुस्कान है।


~ मेघना 

Written & Created By: Meghna Bansal

https://www.instagram.com/plethora.of.colours/

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